राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार राशि 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये की गई |
पुरस्कृत शिक्षकों को दी जाने वाली 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि पुरस्कार वर्ष 2014 से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है। पुरस्कार राशि में पिछला संशोधन 1999 में हुआ था और इसके अंतर्गत पुरस्कार राशि 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये की गई थी। पुरस्कार वर्ष 2014 से पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को एक प्रमाणपत्र, अंकित नाम के साथ 40 ग्राम का रजत पदक और 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय परम्परागत रूप से चल रहे स्कूलों के संस्कृत तथा उर्दू/फारसी शिक्षकों सहित शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार योजना चलाता है। इसके अंतर्गत देशभर मे (प्राथमिक और माध्यमिक तथा विशेष श्रेणी) के मेधावी शिक्षकों को प्रत्येक वर्ष पुरस्कृत किया जाता है। अब तक प्रत्येक पुरस्कार विजेता शिक्षक को एक प्रणामपत्र, नाम अंकित 40 ग्राम का रजत पदक और 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता था। प्रत्येक वर्ष शिक्षक दिवस 5 सितम्बर को यह पुरस्कार भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्राथमिक, मिडिल तथा माध्यमिक विद्यालयों के मेधावी शिक्षकों को सार्वजनिक रूप से मान्यता देने के लिए दिया जाता है। कुल 378 शिक्षकों को पुरस्कार दिया जाता है। इसमें से 20 पुरस्कार संस्कृत, फारसी तथा अरबी के शिक्षकों के लिए सुरक्षित हैं। राज्यों का कोटा निर्धारित है। इसके अतिरिक्त 378 पुरस्कारों में से 43 विशेष पुरस्कार निम्न श्रेणी के शिक्षकों के लिए सुरक्षित हैं: 1. नियमित स्कूलों में कार्य कर रहे निशक्त शिक्षक 2. वैसे विशेष शिक्षक या प्रशिक्षित सामान्य शिक्षक जिन्होंने समावेशी शिक्षा के लिए उल्लेखनीय कार्य किया हो 15 वर्ष तक नियमित शिक्षण और अनुभव वाले क्लासरूम शिक्षकों तथा 20 वर्ष के नियमित शिक्षण और अनुभव वाले हेडमास्टर तथा मान्यता प्राप्त प्राइमरी/मिडिल/हाई/हायर सैकेण्डरी स्कूलों के शिक्षक/हेडमास्टर के रूप में वास्तव में काम करने वाले शिक्षक को पुरस्कार के लिए चुना जाता है। एकीकृत समावेशी शिक्षा को प्रोत्साहन देने वाले शिक्षकों को 5 वर्षों की छूट दी गई है। |
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